वन्देमातरम... Vandemataram.

सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित् दुःखभाग् भवेत्।।

Friday, August 5, 2016

यजन और भजन का अंतर समझ लीजिए

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सीता राम चरन रति मोरे। अनुदिन बढहिं अनुग्रह तोरे।। रति काम से नहीं रति राम से चाहिये, श्री भरतजी भजन में डूबे हैं, हम सब यजन में रहते हैं...

100 करोड़ में से कितने हैं सच्चे भारतीय

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विडंबना लगती है जब कुछ लोग कहते हैं कि हम 100 करोड़ हिन्दू हैं या 100 करोड़ भारतीय हैं, हम 100 करोड़ हिन्दू मिल जाएं तो क्या नही कर सकते?? यदि...
Friday, April 15, 2016

गांधी का स्त्रैण दर्शन - रजनीश ओशो

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आइये जानें की गाँधी के बारे में ओशो के क्या विचार थे। "उस आदमी के हाथ में कुछ भी नहीं था - लेकिन सिर्फ उपवास से ......... उसने एक स्रै...
Wednesday, March 30, 2016

वेदों की अवहेलना भारी पड़ी हमें

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क्या आप जानते है भारत की दुर्गति के पीछे वेद की आज्ञाओ का उलंघन ही था ? 1.) पहली आज्ञा अक्षैर्मा दिव्य: ( ऋ 10/34/13 ) अर्थात जुआ मत खेलो...
Sunday, January 31, 2016

ये विकास है या विनाश

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लेख लम्बा जरूर है पर जन जागृति के लिए अत्यंत आवश्यक है, निवेदन है एक बार समय निकाल कर पढ़ें और यदि ठीक लगे तो ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँच...
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