Monday, July 16, 2012

देश की घड़ी अगर दो घंटे आगे की जाये तो स्वास्थ्य की 60% समस्याओं को समाप्त किया जा सकता है

देश कि घडी पीछे होने से देश कि जनता को स्वस्थ रहने हेतु प्रकृति का सहयोग 
नहीं मिल रहा है , जिससे स्वस्थ रहना एक बहुत ही महंगा सौदा हो गया है । 
देश की घड़ी अगर दो घंटे आगे की जाये तो स्वास्थ्य की 60% समस्याओं को
 समाप्त किया जा सकता है, हमारे देश मे सरकारी कार्यालय 10 बजे प्रारम्भ 
होते है यदि उनकी जगह सुबह 8 बजे प्रारम्भ होने लगे तो ?
  • निजी कार्यालय 7 बजे खुलेंगे
  • 7 बजे कार्यालय पहुँचने के लिए लोगो को सुबह 4-5 बजे उठाना होगा,
  •  यह समय वात का होने से बड़ी आंत और मलाशय सक्रिय होंगे इससे
  •  कब्ज की बीमारी नहीं होगी
  • यह समय ब्रह्म मुहूर्त होता है जिसका आध्यात्म की दृष्ठि से महत्व है
  • सूर्योदय के बाद उठने से पित्त प्रकुपित होता है जिससे बुद्धि विकृत होती है ।
  • 5-6 बजे (उष:काल) का समय कफ का होता है इस समय व्यायाम करने से
  •  कफ के कारण आने वाली जड़ता नहीं आती है
  • सुबह 7 से 10 का समय कफ का होने से मस्तिष्क ठंडा होता है इस कारण
  •  इस समय दिनभर का सबसे श्रेष्ठ और सबसे अधिक 80% कम होता है 
  • जब व्यक्ति गुणवत्ता का काम करता है तो मानसिक संतुष्ठी होती है 
  • और व्यक्ति भ्रष्ट नहीं होता
दोपहर के भोजन का समय 1 बजे न होकर 10 बजे होगा, यह समय कफ
 का समय होने से आमाशय सक्रिय होगा 1 घंटे बाद पित्त का समय होने 
से छोटी आंत सक्रिय होगी, उस समय भोजन छोटी आंत में पहुँचने लगेगा,
इससे भोजन का पाचन अच्छी तरह होगा
दोपहर को चार बजे कार्यालय बंद होने से लोग संध्या 5-6 बजे घर में होंगे
 इस समय शौच के लिए जा सकेंगे वात का समय होने से शौच में मदद 
मिलेगी दो समय सौच, शरीर में विषतत्वों (टोक्सिन) के निर्माण को रोकने 
की दृष्ठि से बहुत ही उपयोगी है
लोग सूर्यास्त के पहले भोजन कर सकेंगे सूर्यास्त के पहले किया गया भोजन
 सात्विक होता है इसलिए हमारे यहाँ जिन त्योहारों में रात को भोजन करना 
होता है दिन भर कडा उपवास रखा जाता है ताकि तमोगुण व्यक्ति पर हावी 
न हो ।
संध्या का समय वाट प्रधान होने से मन के अनुकूल होता है यह समय कला
 के लिए है क्योंकि कला मन को स्वस्थ बनाती है
सभी कार्य शाम 7-8 बजे तक हो जाने से रात 8-9 बजे तक लोग सो सकेंगे 
सबसे गहरी नींद, कफ काल अर्थात रात 8 से 12 के बीच ही आती है
बिजली की समस्या का हल : हर शहर में दिन भर जितनी भी बिजली की 
खपत होती है उसकी आधी खपत शाम के दो घंटो मे होती है क्योंकि उस 
समय दुकानें खूब जगमगाती है । जब कार्यालय दो घंटे पहले बंद होंगे तो
 दुकाने भी दो घंटे पहले बंद होगी इससे दुकानों को जगमगाने का प्रचालन
 ही खत्म हो जाएगा । यह बिजली की बाचर इतनी बड़ी होगी की गांवो मे 
बिजली कटौती का सवाल ही पैदा नहीं होगा
जिस समय प्रकृति ठंडी होती है ऊर्जा से भरपूर और काम करने के अनुकूल 
होती है उस समय तो कार्यालय खुलते नहीं और जब प्रकृति गरम हो जाती है
 ऊर्जा क्षीण हो जाती है तब एसी में बैठकर काम करना इंडिया के नीति 
निर्माताओं के बौद्धिक दिवालियेपन का इससे बड़ा सबूत क्या हो सकता है ?

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