Friday, March 14, 2014

प्रेरणा दायक पंक्तियाँ

हरिवंशराय जी  की महान प्रेरणा दायक रचना ....

लहरों से डर कर
नौका पार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की
कभी हार नहीं होती।

नन्हीं चींटी जब
दाना लेकर चलती है,
चढ़ती दीवारों पर,
सौ बार फिसलती है।
मन का विश्वास
रगों में साहस भरता है,
चढ़कर गिरना,
गिरकर चढ़ना
न अखरता है।
आख़िर उसकी मेहनत
बेकार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की
कभी हार नहीं होती।

डुबकियां सिंधु में
गोताखोर लगाता है,
जा जा कर खाली हाथ
लौटकर आता है।
मिलते नहीं सहज ही
मोती गहरे पानी में,
बढ़ता दुगना उत्साह
इसी हैरानी में.....।
मुट्ठी उसकी खाली
हर बार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की
कभी हार नहीं होती।

असफलता एक चुनौती है,
इसे स्वीकार करो,
क्या कमी रह गई,
देखो और सुधार करो।
जब तक न सफल हो,
नींद चैन को त्यागो तुम,
संघर्ष का मैदान छोड़ कर
मत भागो तुम।
कुछ किये बिना ही
जय जय कार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की
कभी हार नहीं होती।

--हरिवंशराय बच्चन

Monday, January 13, 2014

लोहड़ी को जानें।

लोहड़ी शब्द तिल + रोड़ी शब्दों के मेल से बना है, जो समय के साथ बदल कर तिलोड़ी और बाद में लोहड़ी हो गया। पंजाब के कई इलाकों मे इसे लोही या लोई भी कहा जाता है।

लोहड़ी का सबंध कई ऐतिहासिक कहानियों के साथ जोड़ा जाता है, पर इस से जुड़ी प्रमुख लोककथा दुल्ला भट्टी की है जो मुगलों के समय का एक बहादुर योद्धा था, जिसने मुगलों के बढ़ते जुल्म के खिलाफ कदम उठाया। कहा जाता है कि एक ब्राह्मण की 2 लड़कियों सुंदरी और मुंदरी के साथ इलाके का मुगल शासक जबरन शादी करना चाहता था, पर उन दोनों की सगाई कहीं और हुई थी और उस मुगल शासक के डर से उनके भावी ससुराल वाले शादी के लिए तैयार नहीं थे।

इस मुसीबत की घडी में दुल्ला भट्टी ने ब्राह्मण की मदद की और लडके वालों को मना कर एक जंगल में आग जला कर सुंदरी और मुंदरी का व्याह करवाया। दुल्ले ने खुद ही उन दोनों का कन्यादान किया। कहते हैं दुल्ले ने शगुन के रूप में उनको शक्कर दी थी। इसी कथा की हमायत करता लोहड़ी का यह गीत है, जिसे लोहड़ी के दिन गाया जाता है :

सुंदर, मुंदरिये हो,
तेरा कौन विचारा हो,
दुल्ला भट्टी वाला हो,
दुल्ले धी (लडकी)व्याही हो,
सेर शक्कर पाई हो।

दुल्ला भट्टी की जुल्म के खिलाफ मानवता की सेवा को आज भी लोग याद करते हैं और उस रात को लोहड़ी के रूप में सत्य और साहस की जुल्म पर जीत के तौर पर मनाते हैं। इस त्योहार का सबंध फसल से भी है, इस समय गेहूँ और सरसों की फसलें अपने यौवन पर होती हैं, खेतों में गेहुँ, छोले और सरसों जैसी फसलें लहराती हैं।

लोहड़ी के दिन गाँव के लड़के-लड़कियाँ अपनी-अपनी टोलियाँ बना कर घर-घर जा कर लोहड़ी के गाने गाते हुए लोहड़ी माँगते हैं। इन गीतों में दुल्ला भट्टी का गीत 'सुंदर, मुंदरिये हो,तेरा कौन विचारा हो...' , 'दे माई लोहड़ी, तेरी जीवे जोड़ी' , 'दे माई पाथी तेरा पुत्त चड़ेगा हाथी' आदि प्रमुख हैं। लोग उन्हें लोहड़ी के रूप में गुड, रेवड़ी, मूँगफली, तिल या फिर पैसे भी देते हैं। यह टोलियाँ रात को अग्नि जलाने के लिए घरों से लकडियाँ, उपलें आदि भी इकट्ठा करती हैं, और रात को गाँव के लोग अपने मुहल्ले में आग जला कर गीत गाते, भांगडा-गिद्धा करते, गुड, मूँगफली, रेवड़ी, धानी खाते हुए लोहड़ी मनाते हैं। अग्नि में तिल डालते हुए 'ईशर आए दलिदर जाए, दलिदर दी जड चुल्हे पाए' बोलते हुए अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं।

लोहड़ी का सबंध नए जन्मे बच्चों के साथ ज्यादा है। पुराने समय से ही यह रीत चली आ रही है कि जिस घर में लड़का जन्म लेता है, उस घर में लोहड़ी मनाई जाती है। लोहड़ी के कुछ दिन पहले पूरे गाँव में गुड़ बाँटा जाता है और लोहड़ी की रात सभी गाँव वाले लड़के के घर आते हैं और लकड़ियाँ, उपलें आदि से अग्नि जलाई जाती है। सभी को गुड़, मूँगफली, रेवड़ी, धानी आदि बाँटे जाते हैं।

आजकल कुछ लोग कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए लड़कियों के जन्म पर भी लोहड़ी मनाने लगे हैं, ताकि रुढ़ीवादी लोगों में लड़का-लड़की के अंतर को खत्म किया जा सके। कई इलाकों में विवाहित जोड़ी की पहली लोहड़ी मनाई जाती है, जिसमें लोहड़ी की पवित्र आग में तिल डालने के बाद जोड़ी बड़े-बुजुर्गो से आशीर्वाद लेती है।

लोहड़ी की रात गन्ने के रस की खीर बनाई जाती है और उसे अगले दिन माघी के दिन खाया जाता है, जिस के लिए 'पोह रिद्धी माघ खाधी' जैसी कहावत जुड़ी‍ हुई है, मतलब कि पौष में बनाई खीर माघ में खाई गई। ऐसा करना शुभ माना जाता है।

समय के बदलते रंग के साथ कई पुरानी रस्में और त्योहारों का आधुनिकीकरण हो गया है, लोहड़ी पर भी इसका प्रभाव पड़ा है। अब गाँव में लड़के-लड़कियाँ लोहड़ी माँगते हुए 'दे माई पाथी तेरा पुत्त चड़ेगा हाथी' या 'दुल्ला भट्टी वाला हो, दुल्ले धी व्याही हो' जैसे गीत गाते दिखाई नहीं देते, शायद कुछ लोगों को तो इन गीतों और लोहड़ी के इतिहास के बारे में पता भी नहीं होगा। लोहड़ी के गीतों का स्थान 'डीजे' ने ले लिया है।

भले कुछ भी हो, लेकिन लोहड़ी रिश्तों की मधुरता, सुकून और प्रेम का प्रतीक है। दुखों का नाश, प्यार और भाईचारे से मिल-जुल कर नफरत के बीज का नाश करने का नाम है लोहड़ी। लोहड़ी की रात परिवार और सगे-सबंधियों के साथ मिल बैठ कर हँसी-मजाक, नाच-गाना कर रिश्तों में मिठास भरने, सदभावना से रहने का संदेश देती है। लोहड़ी की महत्ता आज भी बरकरार है, उम्मीद है कि पवित्र अग्नि का यह त्योहार मानवता को सीधा रास्ता दिखाने और रूठों को मनाने का जरिया बनता रहेगा।

आपको लोहड़ी की ढेर सारी शुभकामनाएँ !!!! 

Sunday, January 12, 2014

धर्म-युद्ध

क्या जंग लगी तलवारों में, जो इतने दुर्दिन
सहते
होI
राणा प्रताप के वंशज हो,क्यों कुल
को कलंकित
करते होII आराध्य तुम्हारे राम-कृष्ण,जो कर्म की राह
दिखाते थेI
जो दुश्मन हो आततायी, वो चक्र सुदर्शन
उठाते
थेI
श्री राम ने रावण को मारा, तुम गद्दारों से डरते
होII
जब शस्त्रों से परहेज तुम्हे,तो राम राम
क्यों जपते
होI
क्या जंग लगी तलवारों में,जो इतने दुर्दिन सहते
होII
अंग्रेजों ने दौलत लूटी,मुगलों ने थी इज्जत
लूटी I
दौलत लूटी, इज्जत लूटी, क्या खुद्दारी भी लूट
लिया, गिद्धों ने माँ को नोंच लिया,तुम
शांति शांति को जपते होI
इस भगत सुभाष की धरती पर,क्यों नामर्दों से
रहते हो?
क्या जंग लगी तलवारों में जो इतने दुर्दिन
सहते होII
हिन्दू हो,कुछ प्रतिकार करो,तुम भारत माँ के
क्रंदन काI
यह समय नहीं है, शांति पाठ और गाँधी के
अभिनन्दन काII
यह समय है शस्त्र उठाने का,गद्दारों को समझाने
का,
शत्रु पक्ष की धरती पर,फिर शिव तांडव
दिखलाने
काII
इन जेहादी जयचंदों की घर में ही कब्र बनाने का,
यह समय है हर एक हिन्दू के,राणा प्रताप बन
जाने
काI
इस हिन्दुस्थान की धरती पर ,फिर
भगवा ध्वज फहराने काII
ये नहीं शोभता है तुमको,जो कायर
सी फरियाद
करोI
छोड़ो अब ये प्रेमालिंगन,कुछपौरुष
की भी बात करोII
इस हिन्दुस्थान की धरती के,उस भगत सिंह
को याद करो,
वो बन्दूको को बोते थे,तुम तलवारों से डरते होI
क्या जंग लगी तलवारों में जो इतने दुर्दिन
सहते हो.

Saturday, January 11, 2014

लाल बहादुर शास्त्री।

साल 1965 में भारत के इतिहास की वो घड़ी,
वो समझौता जिससे देश की आन बान शान
जुड़ी थी लेकिन हुआ कुछ इतना शर्मनाक कि शायद
वो इतिहास का कभी न भूले जाने वाला पन्ना बन कर
रह गया एक ऐसा नेता देश ने खोया जो शायद
कभी देश को चिराग लेकर ढूंढने से
भी नहीं मिलेगा जिसके बारे में किसी ने सोचा भी न
था कि देश का वो छोटे कद का लेकिन देश की नब्ज
को समझने वाला प्रधानमंत्री जो ताशकंद
गया था भारत की शान को बुलंदियों पर पहुंचाने के
लिए, लेकिन गलत मंसूबे लिए कुछ सियासदानों ने उसे
फिर दोबारा भारत की धरती पर ज़िदा कदम
ही नहीं रखने दिया जी हां आपने सही सोचा यहां मैं
बात कर रहा हूं देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर
शास्त्री की जिन्होंने 1965 का वो युद्ध जो लाल
बहादुर की बहादूरी की बदौलत और सूझ बूझ
की वजह से भारत लगभग जीत चुका था और लाहौर
तक हमारी सेना पूरे जोश के साथ घुस
चुकी थी लेकिन कुछ सियासी चालों में फंसकर देश के
अंदर बैठे कुछ गद्दारों की नापाक मंसूबों ने
पासों को पलटने पर मजबूर बना दिया जिसके तहत
सामने आया ताशकंद का वो समझौता जिसे देश
का कोई नागरिक नहीं चाहता था हर किसी का एक
ही सपना था कि जो पाकिस्तान रुपी टुकड़ा भारत ने
खोया है उसे फिर दोबारा भारत में मिला लिया जाए,
जिस पर खुद तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर
शास्त्री भी अमल चाहते थे। लाल बहादुर
की बहादुरी के बारे में कहा जाता है कि जब
पाकिस्तान ने 1965 में शाम को 7:30 बजे हवाई
हमला कर दिया तो राष्ट्रपति ने आपातकालीन बैठक
बुलाई सेना अध्यक्षों ने पुछा कि बताइए
क्या करना है तो शास्त्री जी का सिर्फ एक
ही जबाव था कि आप देश की रक्षा करिए हमें
बताइए हमें क्या करना है और साथ ही एक
ऐतिहासिक नारा भी दिया “जय जवान जय किसान”
और जब युद्ध की ललकार पाकिस्तान की नीवें हिलाने
लगीं तो कुछ गद्दारों ने अपनी सियासी चालें
खेलना शुरु कर दिया और जैसे ही लाहौर के हवाई
अड्डे पर भारत की सेना पहुंचने
वाली थी कि तभी अमेरिका ने चाल के मद्देनज़र युद्ध
रोकने के लिए कहा। उसकी दलील थी कि युद्ध थोड़े
दिन के लिए टाल दिया जाए ताकि लाहौर में रह रहे
कुछ अमेरिकी नागरिक वहां से निकल जाएं जिसके
तहत रुस और अमेरिका ने युद्धविराम के लिए रुस के
ताशकंद में एक समझौता बुला लिया लेकिन अगर कुछ
इतिहासकारों की मानें तो लाल बहादुर
शास्त्री ताशकंद जाना ही नहीं चाहते थे लेकिन देश
के ही कुछ गद्दार नेताओं ने देश के अंदर ऐसा माहौल
पैदा किया कि लाल बहादुर शास्त्री को मजबूरन
ताशकंद जाने का फैसला मंजूर करना पड़ा ये बात सच
है कि भारत युद्ध जीत चुका था और दो तीन दिनों में
पूरा पाकिस्तान जीत लेता लेकिन नियति को कुछ और
ही मंजूर था हमारे देश का वो लाल जब ताशकंद
गया तो उसे ताशकंद समझौते पर हस्ताक्षर करने के
लिए कहा गया तो उसने दो टूक शब्दों में कह
दिया कि “भारत युद्ध में जीता हुआ हिस्सा वापस
नहीं करेगा” । जिसके बाद दबाव भी शास्त्री जी पर
डाला गया लेकिन उन्होंने कह दिया कि उनके जीवित
रहते जीता हुआ हिस्सा किसी भी कीमत पर वापस
नहीं होगा देश को उनके इस फैसले से बड़ा गर्व हुआ
उस भारत के बहादुर सच्चे सेवक पर, लेकिन
किसी को क्या पता था कि सियासी पैतरें खुद
शास्त्री जी की गर्दन दबाने पर लगे हुए हैं जिस दिन
शास्त्री जी ने हस्ताक्षर किए उसी रात
को शास्त्री जी की मौत की खबर भारत को दे दी गई
तो पूरा भारत वाकई स्तब्ध रह गया, लेकिन तब एक
और झटका लगा जब खुद भारत सरकार के हवाले से
कहा गया कि शास्त्री जी को हार्टअटैक पड़ा है
लेकिन उनकी पत्नी की मानें तो उनका शरीर बिल्कुल
नीला पड़ा हुआ था उनका कहना था कि उनके
पति को ज़हर दिया गया है लेकिन रुस में हुए उनके
पोस्टमार्टम की रिपोर्ट का सच
तो छुपा दिया गया लेकिन खुद उनके ही देश भारत में
उनकी मौत की जांच पड़ताल के बजाए उनकी मौत
का सच जानने के लिए पोस्टमार्टम तक
नहीं कराया गया जिसके बाद सवाल भी उठे कि भारत
आखिर सच क्यों छिपाना चाहता है
ऐसा भी बताया जाता है कि रुस ने भारत
को पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी भेजी थी लेकिन उसे
आवाम को नहीं दिखाया गया। आखिर क्यों अपने
ही देश में उनकी मौत का सच छिपा दिया गया जिसके
संबंध में दलील दी गई कि ये अन्तर्राष्ट्रीय संबंध
की वजह से किया जा रहा है देश के लिए
इतनी शर्मनाक घटना लेकिन ऐसा बयान वाकई देश
को झकझोरने वाला था लेकिन शास्त्री जी की मृत्यू
के बाद कार्यवाहक के तौर पर गुलजारी लाल
नंदा को प्रधानमंत्री बनाया गया जिसके बाद
इंदिरा गांधी सत्ता में आई उनके रुस से बहुत अच्छे
संबंध थे इस वजह से भी देश को आजतक
शास्त्री जी की मौत का सच सुनने को नहीं मिला और
अब शास्त्री जी की मौत का रहस्य सिर्फ एक
कभी न सुलझने वाली पहेली बनकर ही रह गया। और
देश के सियासतदानों की उस
गल्ती का खामियाजा आज भी देश को उठाना पड़ा।

Thursday, January 2, 2014

धोखे बाज कजरी।

केजरीवाल को सही समझने वाले जरा इन सवालों के जबाब दें ....??

1. आम आदमी पार्टी को पाकिस्तान से हो रही फंडिंग : NAVBHARAT TIMES on 19th Nov 2013 AT 09:21 PM updated

पाक से AAP को फंडिंग कि न्यूज़ के लिए यहाँ क्लिक करें
http://navbharattimes.indiatimes.com/state/uttar-pradesh/mathura/agra/arvind-kejriwal-is-shri-420-says-swamy/electionarticleshow/26048643.cms

2. केजरीवाल ने जेल से संदिग्ध आतंकवादियों को छोड़ने की मांग की ...खुद अपने हाथ से ओपन लैटर मुस्लिम नेताओ को लिखा : The Hindustan Times on 12th July 2013

केजरीवाल के लैटर मैं लिखे ये बिंदु देखने के लिए यहाँ क्लिक करें :
http://www.hindustantimes.com/india-news/newdelhi/kejriwal-reaches-out-to-muslims-attacks-congress/article1-1091583.aspx

3. केजरीवाल ने कहा की इशरत जहाँ एनकाउंटर केस मैं मोदी कि जांच जरुरी ...इसे कोई मुस्लिम तुस्टिकरण से जोड़कर न देखा जाये : Hindustan Times on 22th July 2013

केजरीवाल द्वारा इशरत जहाँ केस कि जाँच वाली न्यूज़ के लिए यहाँ क्लिक करें
http://www.hindustantimes.com/india-news/delhi-metro/kejriwal-rejects-appeasement-charge-in-another-open-letter/article1-1096628.aspx

4. केजरीवाल को फोर्ड फाउन्डेसन से 40 लाख डॉलर मिले ...फोर्ड पर भारत मैं FDI के लिए रिश्वत देने का आरोप ...इसीलिए केजरीवाल FDI पर चुप (CNN IBN पर खुलासा) : IBTL NEWS on 30th Aug 2011

केजरीवाल को फोर्ड से मिले पैसे के न्यूज़ के लिए यहाँ क्लिक करें
http://www.ibtl.in/news/exclusive/1162/arvind-kejriwal-and-manish-sisodia--has-received-400-000-dollars-from-the-ford-foundation-in-the-last-three-years---arundhati-roy

5. भाजपा के खिलाफ मुस्लिमों को उकसाने के लिए केजरीवाल द्वारा मुस्लिम इलाकों मैं पम्पलेट बाँटने के लिए चुनाव आयोग ने AAP को नोटिस भेजा : The Indian Express on 20th Nov 2013

http://www.indianexpress.com/news/kejriwal-gets-ec-notice-for-seeking-muslim-votes-on-grounds-of-religion/1197390/2

6. केजरीवाल ने कहा मुस्लिमो को आरक्षण देने के लिए जारी सच्चर कमिटी कि सभी सिफारिश लागु करेंगे : The Hindustan Times on 12th जुलाई 2013

http://www.hindustantimes.com/india-news/newdelhi/kejriwal-reaches-out-to-muslims-attacks-congress/article1-1091583.aspx

7. केजरीवाल का ऐलान बटला हाउस एनकाउंटर मैं दोषी आतंकी निर्दोष है और AAP की सरकार आने पर बटला हॉउस कि जाँच करायी जायेगी : The Hindu Newspaper on 25th July 2013

http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/tp-newdelhi/kejriwal-justifies-demand-for-probe-into-batla-house-encounter/article4950895.ece

केजरीवाल द्वारा बटला एनकाउंटर को फ़र्ज़ी बताने वाली विडियो YouTube पर देखने के लिए यहाँ क्लिक करें :
www.youtube.com/watch?v=kRg1i6faH9Q

8. केजरीवाल द्वारा धर्म के आधार पर मुस्लिमों के वोट मांगने के लिए चुनाव आयोग का नोटिस।।।केजरीवाल के पम्पलेट मैं मुस्लिमो को उकसाने के लिए आपत्तिजनक अपील पायी गयी : NDTV on 21th Nov 2013

AAP को EC के नोटिस कि न्यूज़ के लिए यहाँ क्लिक करे
http://www.ndtv.com/elections/article/assembly-polls/election-commission-notice-to-arvind-kejriwal-for-seeking-muslim-votes-on-grounds-of-religion-448805?curl=1386871348

9. अन्ना ने कहा केजरीवाल ने लोकपाल आंदोलन के पैसे मैं घोटाला किया : ZEE NEWS on 20th Nov 2013 at 10:14 PM updated

http://zeenews.india.com/news/nation/arvind-kejriwal-misused-lokpal-agitation-funds-anna-hazare-in-video_891143.html

सभी केजरीवाल भक्तो को खुला चैलेंज ...यदि एक भी सवाल का जबाब दें... केजरी भक्त स्वयं जांच करें फिर बात करें किस आधार पर केजरीवाल सही आदमी है ...??स्टिंग ऑपरेशन मैं इनकी तथाकथित ईमानदारी भी सामने आ चुकी है ....और अगर दंगाई और आतंकवादियों का साथ लेकर केजरीवाल को सत्ता मिलती है तो ऐसी सत्ता आपको मुबारक ....