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Friday, September 21, 2012

क्या आप जानते हैं? -


 भारत ने दुनिया को बहुत कुछ दिया और भारत ने अपने 10 हजार वर्षों के इतिहास में, सक्षम होते हुए भी कभी किसी अन्य देश पर आक्रमण नही किया। आइए, भारत के बारे में कुछ जानें:

 # भारतीय सँस्कृति व सभ्यता विश्व की पुरातन में से एक है।

 # भारत दुनिया का सबसे पुरातन व सबसे बड़ा लोकतंत्र है।

 # भारत ने शून्य की खोज की। अंकगणित का आविष्कार 100 ईसा पूर्व भारत मे हुआ था।

 #हमारी संस्कृत भाषा सभी भाषाओं की जननी मानी जाती है। सभी यूरोपीय भाषाएँ संस्कृत पर आधारित मानी जाती है।

 #सँसार का प्रथम विश्वविद्यालय 700 ई. पू. तक्षशिला में स्थापित की गई थी। तत्पश्चात चौथी शताब्दी में नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना की गई।

 #5000 वर्ष पूर्व जब अन्य संस्कृतियां खानाबदोश व वनवासी जीवन जी रहे थे तब भारतीयों ने सिंधु घाटी की सभ्यता में हड़प्पा संस्कृति की स्थापना की।

 #महर्षि सुश्रुत सर्जरी के आविष्कारक माने जाते हैं। 2600 साल पहले उन्होंने अपने समय के स्वास्थ्य वैज्ञानिकों के साथ प्रसव, मोतियाबिंद, कृत्रिम अंग लगाना, पत्थरी का इलाज और प्लास्टिक सर्जरी जैसी कई तरह की जटिल शल्य चिकित्सा के सिद्धांत प्रतिपादित किए।

 #ब्रिटिश राज से पहले तक भारत विश्व का सबसे समृद्ध राष्ट्र था व इसे, 'सोने की चिड़िया' कहा जाता था।

 #आधुनिक भवन निर्माण पुरातन भारतीय वास्तु शास्त्र से प्रेरित है।

 #कुंग फू मूलत: एक बोधिधर्म नाम के बोद्ध भिक्षु के द्वारा विकसित किया गया था जो 500 ई के आसपास भारत से चीन गए।

 #वाराणसी अथवा बनारस दुनिया के सबसे प्राचीन नगरों में से एक है। महात्मा बुद्ध ने 500 ई. पू. बनारस की यात्रा की थी। बनारस विश्व का एकमात्र ऐसा प्राचीन नगर है जो आज भी अस्तित्व में है।

 #सबसे प्राचीन उपचार प्रणाली आयुर्वेद है। आयुर्वेद की खोज 2500 साल पहले की गई थी।

 #बीजगणित की खोज भारत में हुई।

 #रेखा गणित की खोज भारत में हुई थी।

 #शतरंज अथवा अष्टपद की खोज भारत मे हुई थी।

 #हिन्दू, बौद्ध, जैन अथवा सिख धर्मों का उदय भारत में हुआ।

 #कम्प्यूटर के लिए सबसे उपयुक्त भाषा भी संस्कृत ही मानी है।

Thursday, March 8, 2012


जरा सोचिए !!
 क्या भारत स्वतंत्र देश है ?

 स्वतंत्र का अर्थ होता: स्व + तंत्र (अपना तंत्र)...!!

 जरा सोचिए !!
 क्या हमारा तंत्र अपना है ?

 हमारी भाषा विदेशी, हमारा भूषा विदेशी, हमारा खान पान विदेशी, हमारे कानून विदेशी, हमारी सरकार की मालकिन विदेशी, हमारे घर में 90% वस्तुएं विदेशी, हमारे नाम विदेशी...!!

 " 121 करोड़ की आबादी वाला देश भारत दुनिया का अकेला देश है जो आज़ादी के 65 साल बाद भी विदेशी भाषा (अँग्रेजी) को हर स्तर पर ढो रहा है। "

 दुनिया के 24 सबसे छोटे देशों में से एक 'फ़िनलैंड (फिनिश), डेनमार्क (डेनिश), स्वीडन (स्वीडिश), नोर्वे (नार्वेजियन) जो भारत के किसी जिले से भी छोटे हैं इन्होने गुलामी से आज़ादी पाते ही सबसे पहले अँग्रेजी हटकट अपनी भाषा को राष्ट्र भाषा बनाया, अब अपनी भाषा में काम कर रहे हैं, सारी पढ़ाई अपनी भाषा में करके गर्व से जी रहे हैं और 'संयुक्त राष्ट्र महासभा' में एक सम्मानित स्वतंत्र देश की हैसियत पा रहे हैं।

 नहीं स्वतंत्र अब तक हम, हमें स्वतंत्र होना है,
 कुछ झूठे देशभक्तों ने, किये जो पाप, धोना है।

 जय हिन्द !! सोचिए जरा !!

Sunday, March 4, 2012

न दूध देंगे न खीर देंगे कश्मीर की बात की तो लाहोर मे आकरचीर देंगे !!! !!! सारे अश्त्र चल गए एक दावं बाकी है पाक को मिटाने हेतु थूकना ही काफी है जोश और जुनून साथ होश हमें चाहिए इस बार करांची और लाहौर हमें चाहिए धोखा देने वाला पाक बच नहीं पायेगा छेड़ेगा तिरंगेकोतो फिर पछतायेगा उलटी गिनती गिन क्योकि वो दिन दूर नहीं जिस दिन ये तिरंगा पाक में लहराएगा —- जय हिन्द

Tuesday, February 21, 2012

भारत के स्वतंत्रता संग्राम के समय कुछ नारे पहली बार बोले गए थे -
उनमे दो शब्द प्रमुख थे- इन्क़लाब और सरफरोशी
क्या आप जानते हैं इनका मतलब!! यदि नहीं तो हम बताते है .. कुछ कवितायेँ भी थी जहाँ थोडा बहुत मतलब बदल जाता था!! पर इनका मूल मतलब था ---
इन्क़लाब - बदलाव
सरफरोशी - सर कटा लेना
कुछ ऐसी सोच थी उन क्रांतिकारियों की!! वो क्रांतिकारी नहींमहापुरुष थे!!
जय हिंद! वंदे मातरम!!

Saturday, February 18, 2012

नेता की अभिलाषा :
जनता मुझको कुर्सी दे दे , मै नेता बन जाऊँगा,
अपनों को बाँटूंगा दौलत, मै भी धनी हो जाऊँगा!
काम-धाम कुछ नही करूँगा, मौज-मजे औरएश करूँगा,
एक मुझे तू माईक लादे, भाषण खूब सुनाऊँगा!
जनता मुझको कुर्सी दे दे , मै नेता बन जाऊँगा,
कलफ लगे कपडे पहनूँगा, कई-कई कारें रखूँगा,
प्लेन का तू टिक़िट दिलवा दे, विदेश सैर कर आऊँगा!
जनता मुझको कुर्सी दे दे , मै नेता बन जाऊँगा,
अतिक्रमण कर घर बाधूँगा, विदेशों मे खाते खोलूँगा,
एक बार मन्त्री बनवा दे, जीवन भर सुख भोगूँगा!!
जनता मुझको कुर्सी दे दे , मै नेता बन जाऊँगा,
BY :- Lehar Jain.

Saturday, October 15, 2011

कैसे कह दू आज़ाद हु मै

कैसे कह दू आज़ाद हु मै
बार -बार ये ख्यालआता है
किसान भूखा सोता है
मजदूर का बेटा रोता है
2 वक़्त की रोटी नहीं मिलती
लाखो टन अनाज यहाँ सड़ता है
वो AC मै बैठकर महंगाई बढ़ाते है
कड़ी मेहनत कर के जब सर्दी मै भी इंसान पसीना पोछता है
वो मिनरल water को दारू मै मिलकर पीते है
2 बूंद पानी के लिए लोग आसमान मै बदल को तरसते है
कैसे कह दू आज़ाद हु मै
बार -बार ये ख्यालआता है ....
मौत आसान लगती है किसान को
ज़िन्दगी यहाँ जीने से
और पढ़ा लिखा आदमी यहाँ
नक्सलवादी बन जाता है
कहते है वो हमको CBI की जाँच होगी
मासूम बच्चो को जब
निठारी कांड खा जाता है
ज़िन्दगी की उनकीनजरो मै
जब कोई कीमत ही नहीं
कैसे कह दू आज़ाद खुद को
जब आज़ादी दिखती नहीं
कल रात चैन की नींद सोये कई लोग,
भले कुछ लोग हमेशा के लिए सो गए,
आज़ादी के बाद हम सबको ,
शायद आदत हो गयी है सोने की!
कल रात पानी बहा कुछ लोगो का,
कुछ लोग फिर छलनी हो गए ,
पानी ही बहता है हर शरीर से अब,
क्योकि खून शायद पानी हो गया हम सब का !
कल रात फिर नेताजी आये,
कहने तीन ही ब्लास्ट हुए ,
चैन की नींद सो जा...

Sunday, October 9, 2011

The spark of my ideas shall remain
This body: if it stays or dies; so be it!
हवा में रहेगी मेरे ख्याल की बिजली
ये मुश्त-ए-खा क हैफानी रहे रहे न रहे - JAIL DIARY OF BHAGAT SINGH