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Monday, February 20, 2012

एक स्थान के लिए समय - जिसे कहते हैं हम काल
आइन्स्टाइन कि थेयोरी ऑफ रिलेटीविटी कहती है कि - अलग अलग स्थान पर समय अलग अलग रफ़्तार से चलता है, यूनिवर्स एक से ज्यादा हैं(ये स्टीफन हॉकिन्स के गणितीय सूत्र से साबित हो चूका है और हमारे वेद तो गला फाड़ फाड़ कर चिलाते हैं पर कोई सुनता कहाँ )
और हर यूनिवर्स के समय का नियम व लाइटकि रफ़्तार अलग अलग होगी, हो सकता है उसका समय बिलकुल अलग ढंग से चले!!
इसलिए
सहस्त्रों यूनिवर्स को चलाने के लिए जरूरी है - महा समय -यानि महाकाल
महाकाल शिव न सिर्फ़ हमारा बल्कि न जाने और कितने गृह और यूनिवर्स के समय और स्थान के ताने बाने सम्हाले हैं!!जय जय शिव शंकर _____ जह महाकाल!!